Saturday, February 6, 2010

Sangathan Gadhe Chalo (संगठन गढ़े चलो)

संगठन गढ़े चलो, सुपंथ पर बढ़े चलो ।
भला हो जिसमें देश का, वो काम सब किए चलो ॥ध्रु॥

युग के साथ मिल के सब कदम बढ़ाना सीख लो ।
एकता के स्वर में गीत गुनगुनाना सीख लो ।
भूल कर भी मुख में जाति-पंथ की न बात हो ।
भाषा-प्रांत के लिए कभी ना रक्तपात हो ।
फूट का भरा घड़ा है फोड़ कर बढ़े चलो ॥१॥

आ रही है आज चारों ओर से यही पुकार ।
हम करेंगे त्याग मातृभूमि के लिए अपार ।
कष्ट जो मिलेंगे मुस्कुरा के सब सहेंगे हम ।
देश के लिए सदा जिएंगे और मरेंगे हम ।
देश का ही भाग्य अपना भाग्य है ये सोच लो ॥२॥

संगठन गढ़े चलो, सुपंथ पर बढ़े चलो ।
भला हो जिसमें देश का, वो काम सब किये चलो ॥

!! भारत माता की जय !!

16 comments:

  1. "unan ka sikandar tha tere tat pe hara duniya ke log sunlo yeh desh hai hamara "
    "raghukul ki rajdhani aur ram raj pyara duniya ke lo sun lo ye desh hai hamara"___from--gauravgatha:

    yadi ksi ke paas is geet ki sampoorna pankti ho to use share kare!!

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  2. desh k liye sda jeeynge or mrenge hum

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  3. Bahot ache bahpt gungunaya ye hmne bhi bhai

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  4. Bahot ache bahpt gungunaya ye hmne bhi bhai

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  5. Ye Geet may ek aisi bhavna hai jo patriotism to ek naee uchaee deyti hai..."Bhaala ho jis may desh ka woh kaam sab kiye chalo"

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  6. अगर इस देश के लिए काम ना आये तो ये जीवन बेकार

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  7. !! भारत माता की जय !!

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